Friday, 15 August 2014

Haiku!: पानी की कहानी...हाइकू

Haiku!: पानी की कहानी...हाइकू: पानी की कहानी...हाइकू पानी में बिम्ब कुदरत का देख बेचैन पानी चाँद सी शुन्य रात फेंकी है देख लहर पानी! बूँदें बरसी मौसम भेस..देख...

पानी की कहानी...हाइकू

पानी की कहानी...हाइकू


पानी में बिम्ब
कुदरत का देख
बेचैन पानी

चाँद सी शुन्य
रात फेंकी है देख
लहर पानी!

बूँदें बरसी
मौसम भेस..देख,
नृत्य पानी का...

भीगे बदन
कोयला ताप जले,
जवान पानी!

आंसू नमक,
टपके आँखे खाली
गरीब पानी!

हिम पर्वत
नाद ब्रह्म सा स्थिर
नीरव पानी!

नीरव

Thursday, 14 August 2014

६८ वीं आज़ादी के अवसर पर...एक "हाइकू"कोशिश

६८ वीं आज़ादी के अवसर पर...एक "हाइकू"कोशिश


तिरंगा ले लो
चिल्ला के "वो"मासूम,
आज़ादी ढूंढें

होर्नो की चीख
शहर परेशान
आज़ादी ढूंढें

फटे नभ से
घर लौटे ईश्वर
आज़ादी ढूंढें!

वादी का चाँद
आज़ादी के बहाने
आतंकी ढूंढें!

बर्फ से लोग
मासूम लाशें फैला,
आज़ादी ढूंढें

पंछी की आस
न सीमा न विवाद
ढूंढे...आज़ादी!


नीरव




Haiku .....where God pulls the Chain!

भागते पेढ़
पकड़ने दौड़ी है
मासूम ट्रैन

हरी उम्र का
लाल कोयला जले
इंजन चले

याद से हरे,
स्टेशन पे खींचे है
चैन...श्री हरी!

नीरव वैद्य

Tuesday, 5 August 2014

Haiku!: हाइकू

Haiku!: हाइकू: सूरज जला धुवां हुई तिल्ली चाँद ढूंढें है! समंदर में तरस के मायने ढूंढें मछली! उजाले जला खुद का मानी क्यों ढूंढें बिजली खुशबू ...

हाइकू



सूरज जला
धुवां हुई तिल्ली
चाँद ढूंढें है!

समंदर में
तरस के मायने
ढूंढें मछली!

उजाले जला
खुद का मानी क्यों
ढूंढें बिजली

खुशबू संग,
बेपरवा सी उड़ी
देखो तितली!

नीरव वैद्य

Haiku!: आयो आषाढ़!

Haiku!: आयो आषाढ़!: सावन बहे छाते तैरे हज़ार आयो आषाढ़! ओस के धागे ले मौसम भागे है भीगा संसार बूंदों की आस गूगल में ना ढूंढ रूह भीगोले रुत बरसे गी...

आयो आषाढ़!

सावन बहे
छाते तैरे हज़ार
आयो आषाढ़!

ओस के धागे
ले मौसम भागे है
भीगा संसार

बूंदों की आस
गूगल में ना ढूंढ
रूह भीगोले

रुत बरसे
गीली सांसें खेले है
बूंदों की...होली...


नीरव

Haiku!: on mumbai sea link

Haiku!: on mumbai sea link: नभ स्पर्श से, लोहा, महत्वकांक्षी झूले,सी-लिंक! सिन्दूरी मांग टूटे दो दिल जोड़े ब्रिज,सी-लिंक नीरव वैद्य

on mumbai sea link




नभ स्पर्श से,
लोहा, महत्वकांक्षी
झूले,सी-लिंक!

सिन्दूरी मांग
टूटे दो दिल जोड़े
ब्रिज,सी-लिंक

नीरव वैद्य

Haiku!: काशी का...दिन

Haiku!: काशी का...दिन: एक दिन पे! करारी रात सांझे चूल्हे पे सेके रोटी सा...दिन! बीती बारिश के बबूले से फूटे याद के...दिन नभ शंख में ताप रहा है,चाँद, ...

काशी का...दिन

एक दिन पे!


करारी रात
सांझे चूल्हे पे सेके
रोटी सा...दिन!

बीती बारिश
के बबूले से फूटे
याद के...दिन

नभ शंख में
ताप रहा है,चाँद,
मोती सा...दिन

प्रातःकुंदन,
सूर्य श्रम से...गले,
सोने सा दिन!

मृदु घांस पे
भीगी अंगड़ाई ले,
ओस सा...दिन

कोयल कुक
पाक अज़ान गूंज
पढ़ाकू...दिन

गंगा जल
समां श्लोक विभोर
काशी का...दिन

नीरव वैद्य

Haiku!: तृप्ति

Haiku!: तृप्ति: तृप्ति भीगी भीगी सी जली हुई प्यास है तृप्त...जल से! धर्म सा पानी, दुवा की झोली भरे, प्रार्थना...जल! नीरव

तृप्ति

तृप्ति

भीगी भीगी सी
जली हुई प्यास है
तृप्त...जल से!

धर्म सा पानी,
दुवा की झोली भरे,
प्रार्थना...जल!


नीरव