भागते पेढ़
पकड़ने दौड़ी है
मासूम ट्रैन
हरी उम्र का
लाल कोयला जले
इंजन चले
याद से हरे,
स्टेशन पे खींचे है
चैन...श्री हरी!
नीरव वैद्य
पकड़ने दौड़ी है
मासूम ट्रैन
हरी उम्र का
लाल कोयला जले
इंजन चले
याद से हरे,
स्टेशन पे खींचे है
चैन...श्री हरी!
नीरव वैद्य
No comments:
Post a Comment